PM KUSUM YOJANA 2026
Table of Contents
Toggle🌞 PM KUSUM YOJANA 2026: किसानों की आय, ऊर्जा सुरक्षा और हरित भारत की दिशा में ऐतिहासिक पहल
भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि है। देश की आधी से अधिक आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खेती पर निर्भर है। लेकिन वर्षों से किसान सिंचाई, बिजली आपूर्ति और बढ़ती लागत जैसी समस्याओं से जूझते रहे हैं। खासकर डीज़ल से चलने वाले पंपों पर निर्भरता ने किसानों की लागत को काफी बढ़ा दिया है। ऐसे में भारत सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM KUSUM योजना) किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरी है।
PM KUSUM योजना न केवल किसानों को सस्ती और स्थायी ऊर्जा उपलब्ध करा रही है, बल्कि उन्हें ऊर्जा उत्पादक (Energy Producer) बनाकर उनकी आमदनी बढ़ाने का अवसर भी दे रही है। यह योजना आज देश में कृषि, ऊर्जा और पर्यावरण—तीनों क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
🌱 PM KUSUM YOJANA क्या है?
PM KUSUM योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2019 में की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा (Solar Energy) से जोड़ना, सिंचाई की लागत कम करना और उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत प्रदान करना है।
सरल शब्दों में कहें तो, इस योजना के तहत किसान:
अपने खेतों में सोलर पंप लगा सकते हैं
बंजर या खाली ज़मीन पर सोलर पावर प्लांट स्थापित कर सकते हैं
अतिरिक्त बिजली बनाकर सरकारी ग्रिड को बेच सकते हैं
यानी अब किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि ऊर्जादाता भी बन रहे हैं।
☀️ क्यों जरूरी थी PM KUSUM योजना?
देश के ग्रामीण इलाकों में आज भी बड़ी संख्या में किसान:
अनियमित बिजली आपूर्ति
महंगे डीज़ल पंप
बार-बार बढ़ती ईंधन कीमतों
सिंचाई की सीमित सुविधा
जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। कई जगहों पर किसानों को रात में सिंचाई करनी पड़ती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
PM KUSUM योजना इन सभी समस्याओं का समाधान पेश करती है:
✔️ दिन में सौर ऊर्जा से सिंचाई
✔️ डीज़ल पर निर्भरता खत्म
✔️ कम लागत, ज्यादा मुनाफा
✔️ पर्यावरण के अनुकूल व्यवस्था